SACRED RITUAL SIGNIFICANCE
गया जी में पिंडदान का धार्मिक महत्व
पुराणों एवं सनातन मान्यताओं के अनुसार गया तीर्थ में पिंडदान करने से 108 कुलों के पितरों को मोक्ष व अक्षय तृप्ति मिलती है।
गया जी में प्रमुख पिंडदान एवं श्राद्ध के प्रकार
श्रद्धालु अपनी आवश्यकता एवं पूर्वजों के निमित्त निम्न अनुष्ठान करा सकते हैं
1-Day Ritual
1-दिवसीय गया श्राद्ध (Ekodristi Shradh)
यह 1 दिन में संपन्न होने वाला मुख्य पिंडदान अनुष्ठान है जो विष्णुपद मंदिर, फल्गु नदी तट एवं अक्षयवट वेदी पर कराया जाता है। जिन श्रद्धालुओं के पास समय सीमित होता है, उनके लिए यह उत्तम है।
3-Day Complete
3-दिवसीय संपूर्ण गया श्राद्ध (Sampurn Shradh)
गरुड़ पुराण अनुसार 3 दिनों में समस्त 45 वेदियों एवं तीर्थों पर विधिपूर्वक पिंडदान। इसमें फल्गु, विष्णुपद, प्रेतशिला, रामशिला, अक्षयवट आदि का समावेश होता है।
Special Puja
नारायण बलि श्राद्ध (Narayan Bali Shradh)
अकाल मृत्यु, दुर्घटना या अश्रांत आत्माओं की विशेष मुक्ति हेतु विष्णु मंत्रोच्चार के साथ किया जाने वाला विशेष अनुष्ठान जो परिवार को वंश दोष से मुक्त रखता है।
Remedial Ritual
त्रिपिंडी श्राद्ध (Tripindi Shradh)
तीन पीढ़ियों से अधिक पुराने पितृ दोष या अश्रांत पितरों की प्रसन्नता हेतु तीन प्रकार के पिण्ड अर्पण कर किया जाने वाला दोष निवारण पूजन।